Posts

Showing posts from December, 2017

योग द्वारा सर्दी-जुकाम से मुक्ति | Sardi jukam ka ilaj hindi me

Image
योग द्वारा सर्दी-जुकाम से मुक्ति | Sardi jukam ka ilaj hindi me


1 नाड़ी शोधन प्राणायाम (अनुलोम-विलोम श्वसन तकनीक) नथुनों को क्रमश: बदल कर साँस लेने से सर्दी से अवरुद्ध नासिका द्वार खुल जाते है जिससे फेफड़ों को अधिक मात्रा में आक्सीजन प्राप्त होती है|यह प्राणायाम तनाव से मुक्ति व शरीर को विश्रान्ति प्रदान करने भी सहायक है|सर्दी से छुटकारा पाने के लिए इसके ७-८ चक्र का दिन में २ -३ बार अभ्यास करे | 2 कपालभाति प्राणायाम इस प्राणायाम में साँस को नथुनों पर दबाब बनाते हुए जोर से छोड़ते है| इसके अभ्यास से हमारी श्वसन नलिका में उपस्थित अवरोध खुल जाते है जिससे साँसों का आवागमन आसान हो जाता है|इसके अतिरिक्त इस प्राणायाम से हमारा नाड़ीतंत्र सशक्त होता है, रक्त प्रवाह बढ़ता है तथा मन प्रसन्नरहता है|इस प्राणायाम के २-३ चक्रों का अभ्यास दिन में दो बार करने से सर्दी में राहत मिलती है तथा शरीर उर्जावान बनता है| 3 हस्तपादासन खड़े होकर आगे की तरफ झुकने से रक्त का प्रवाह हमारे सिर की तरफ बढ़ता है|यह क्रिया सायनस को साफ़ करती है|इस प्राणायाम से हमारे नाड़ीतंत्र को बल मिलता है तथा शरीर तनाव-मुक्त होता है|

कपालभाति प्राणायाम करने की प्रक्रिया , कपालभाति प्राणायाम का महत्व

Image
कपाल=मस्तक (सिर); भाती= चमकने वाला; प्राणायाम = साँस लेने की प्रक्रिया यह एक शक्ति से परिपूर्ण (श्वाँस के द्वारा किये जाने वाला) प्राणायाम है, जो आपका वज़न कम करने में मदद करता है और आपके पूरे शरीर को संतुलित कर देता है।
कपालभाति प्राणायाम का महत्व जब आप कपालभाति प्राणायाम करते हैं तो आपके शरीर से ८०% विषैले तत्त्व बाहर जाती साँस के साथ निकल जाते हैं। कपालभाति प्राणायाम के निरंतर अभ्यास से शरीर के सभी अंग विषैले तत्व से मुक्त हो जाते हैं| किसी भी तंदुरस्त व्यक्ति को उसके चमकते हुए माथे (मस्तक या सिर) से पहचाना जा सकता है। कपालभाति प्राणायाम की उचित व्याख्या है, "चमकने वाला मस्तक” कपालभाति प्राणायाम करने की प्रक्रिया । How To Do Kapalbhati Pranayama
अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए, आराम से बैठ जाएँ। अपने हाथों को आकाश की तरफ, आराम से घुटनों पर रखें।एक लंबी गहरी साँस अंदर लें।साँस छोड़ते हुए अपने पेट को अंदर की ओर खींचे। अपने पेट को इस प्रकार से अंदर खींचे की वह रीढ़ की हड्डी को छू ले। जितना हो सके उतना ही करें। पेट की मासपेशियों के सिकुड़ने को आप अपने पेट पर हाथ रख कर महसूस कर सकते है…